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[चौथे चरण] राजस्थान मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना

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प्यारे दोस्तों आज हम अपने इस आर्टिकल राजस्थान मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना चौथे चरण  की जानकारी देने जा रहे हैं| हम आपको बताएंगे कि आप  किस प्रकार मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना चौथे चरण का लाभ ले सकते हैं| राजस्थान के मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना आगे बढ़ाते हुए चौथे चरण की शुरुआत कर दी है|राजस्थान के रेगिस्तान में अब पानी की कोई कमी नहीं है, क्योंकि अब प्रदेश में गांव गांव में पुराने जल स्रोतों में फिर से पानी आने लगा है|

ये सपना साकार हुआ है मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के जरिए| तीन चरणों की सफलता के बाद राजस्थान में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना चौथा चरण का आगाज हुआ| राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने चौथे चरण का आगाज किया| इस चरण में 4 हजार गांवों के 1434 ग्राम पंचायतों में अभियान चलाया जाएगा|

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना चौथे चरण

चौथे चरण के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कहना था कि “अभियान के बाद अब रेत के धोरों को संरक्षित करने की जरूरत पड़ जाएगी| जैसलमेर और बाड़मेर में जैसे क्षेत्रों में अब हरियाली हो गई है| आने वाले समय में प्रदेश में राजस्थान में हरियाली ही हरियाली होगी| इसी कड़ी में सरस्वती नदी को फिर से कैसे जिंदा किया जाए, इस पर भी काम करने की आवश्यकता होगी. जल की कमी की वजह से हमारे यहां शादियां नहीं की जाती थी| इस अभियान के बाद अब राजस्थान की तस्वीर बदल दी है|

Rajasthan jal swavlamban abhiyan yojana fourth phase के लिए राजस्थान की तस्वीर और तस्दीक पूरी तरह से बदल गई है|उनका कहना था कि 10 हजार गांवों को जोड़ने का और लक्ष्य रखा गया है| जिसमें से 37,7000 जल ढांचे में 80 फीसदी पानी पहुंच गया है|

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान चौथे चरण

गांवों में लगातार गिरते भूजल लेवल को नियंत्रित करने और व्यर्थ बहते वर्षा के जल को रोकने के लिए मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान की शुरूआत की। योजना का मूल उद्देश्य बारिश के पानी की एक-एक बूंद को सहेजकर गांवों को जल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाना है। अभियान के अन्तर्गत चयनित गांवों में पारंपरिक जल संरक्षण के तरीकों जैसे तालाब, कुंड, बावड़ियों, टांके आदि का मरम्मत कार्य एवं नई तकनीकों से एनिकट, टांके, मेड़बंदी आदि का निर्माण कर पौधारोपण भी शामिल है।

समें भू-संरक्षण, पंचायतीराज, मनरेगा, कृषि, उद्यान, वन, जलदाय, जल संसाधन एवं भूजल ग्रहण आदि 9 राजकीय विभागों, सामाजिक धार्मिक समूहों एवं आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की गई। अभियान के पहले चरण में 1270 करोड़ रुपए की लागत से करीब 94 हज़ार निर्माण कार्य पूरे हुए।इस चरण में रूफ़ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के अलावा परकोलेशन टेंक भी बनाये गए हैं। इस चरण में 2100 करोड़ रुपए की लागत से जल संरचनाओं में सुधार कार्य करवाए गए हैं।

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान से मिले लाभों को पूरी तरह बता पाना थोड़ा मुश्किल है लेकिन सही मायनों में कहा जाए तो हजारों गांवों के ग्रामीणों को न केवल पानी का पानी नसीब हुआ है, अपितु सिंचाई की समस्या भी दूर हुई है।

प्यारे दोस्तों मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान चौथे चरण की जानकारी किस प्रकार किस प्रकार लगी अगर आप से संबंधित कुछ प्रश्न पूछना चाहते हैं तो हमारे कमेंट बॉक्स पर लिख दीजिए हम उसका उत्तर अवश्य देंगे आप हमारे फेसबुक पेज को लाइक और शेयर कर सकते हैं जिसे आप राजस्थान की योजनाओं के साथ अपडेट रहेंगे|

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