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[परियोजना] स्वजल योजना|आवेदन प्रक्रिया

स्वजल योजना|स्वजल परियोजना|स्वजल धारा योजना|swajal yojana|

भारत के प्यारे देशवासियों भारत के स्वास्थ्य मंत्री उमा भारती ने पूरे भारत में स्वजल योजना की पहल की है| इस योजना के तहत लोगों को रोजगार का अवसर फायदा होगा| श्रीमती उमा भारती ने 54.17  लाख रुपए से अधिक बजट स्वजल परियोजना का उद्घाटन किया है| इस परियोजना के अंतर्गत आगत का 90% सरकार उठाएगी परियोजना के परिचालन और प्रबंध की जिम्मेदारी स्थानीय ग्रामीणों पर होगी|इस योजना के तहत कुल अनुमानित लागत राशि का 10 प्रतिशत 5* प्रतिशत यदि गांव की आबादी में 50 प्रतिशत से अदिक अनुसूचित जाति के सदस्य है|

स्वजल धारा योजना

स्वजल धारा योजना  हिस्सा गांव वासी वहन करेंगे तथा 90 (95*) प्रतिशत खर्च केन्द्रीय सरकार वहन करेगी। इस योजना के तहत ऐसे गांव जिसमें प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 40 लीटर से कम पानी उपलब्ध है उन गांवो में पीने के पानी के लिए ट्यूबवैल, नई पाईप लाईन अथवा नहरी जल योजना, स्थापित की जा सकती है|स्वजलधारा योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि गांव के पीने का पानी उपलब्ध करवाना है उसके रखरखाव प्रबंधन के खर्च को समय गांव वासियों द्वारा कर आत्मनिर्भर किया जाएगा| स्वजल परियोजना के तहत हर गांव में 300 नल के कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाएंगे|

स्वजल धारा योजना  आवेदन प्रक्रिया

  • योजना के तहत कोई भी पंचायत गांव में नया ट्यूबवैल लगवाने या पाइप लाईन गलियो में बिछाने के लिये प्रस्ताव उपमण्डल अभियन्ता कार्यालय में देगी जो इसकी फील्ड जानकारी प्राप्त कर कार्यकारी अभियन्ता कार्यालय में इसका एस्टीमेट बनवायेंगें।
  • पंचायत एक समिति का गठन करेगी जिसमें 5 या इससे अधिक सदस्य हो सकते है तथा इसका एक चैयरमैन होगा तथा एक सदस्य विभाग का अधिकारी होगा। इसी समिति मे से कम से कम दो सदस्य जिनमे एक विभागीय अधिकारी होगा संयुक्त बैंक खाता खोलेंगे तथा वे ही इसे चलाने के अधिकारी होगें। इन सदस्यो की संख्या दो से ज्यादा भी हो सकती है।
  • यह समिति अनुमानित राशि का 10 प्रतिशत ( 5 प्रतिशत यदि गांव की आबादी में 50 प्रतिशत ले अधिक अनुसूचित जाति के सदस्य है) हिस्सा बैंक खाते में जमा करवायेगी। यह राशि गांव के कम से कम 33 प्रतिशत नागरिकों से एकत्रित होनी चाहिये।
  • तत्पश्चात कार्यकारी अभियन्ता द्वारा निर्धारित फार्म पर समिति से सभी सदस्यों के हस्ताक्षर करवाकर तथा उपमण्डल अभियन्ता एंव अपनी रिपोर्ट सहित इसे विभागीय सचिव के माध्यम से केन्द्रीय सरकार को भेज दिया जाता है। इसके साथ एस्टीमेट की नकल, बैंक का खाता नम्बर तथा बैंक खाता में शेष राशि की फोटो प्रति भी साथ सलंग्न की जाती है।
  • केन्द्रीय सरकार द्वारा 90 प्रतिशत राशि आंबटन करने के बाद समिति द्वारा यह राशि समिती के खाते में जमा करवा दी जाती है तथा विभाग के तकनीकी अधिकारी की सहायता से कार्य करवाया जाता है।
  • कार्य पुर्ण होने के बाद इस परियोजना का रख रखाव भी समिति करेगी तथा इसका खर्च घर-घर में पानी का कनैक्शन देकर प्राप्त राजस्व के किया जायेगा।

प्यारे दोस्तों स्वजल धारा योजना जानकारी किस प्रकार लगी अगर आप इससे संबंधित कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो हमारे कमेंट बॉक्स में लिख दीजिए हम उसका उत्तर अवश्य देंगे आप हमारे फेसबुक पेज को लाइक और शेयर कर सकते हैं इससे आप प्रधानमंत्री योजनाओं के साथ अपडेट रहेंगे

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  1. Appreciate your concern for the land with less water. But tubewell, new pipelines are not sustainable ways. In most of the lands ground water is already at low levels, so new tubewells will not help rather I suggest to expend budget allocated to create some permanent solution for the problem i.e harvesting, utilising and conserving rain water.
    There are many blogs available providing realistic ways to implement this solution.
    Would be glad if you connect with me for a sustianble approach.

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